हैरानी की बात ये है कि सीबीआई के सेकेंड इन कमांड अस्थाना ने करीब दो महीने पहले कैबिनेट सचिव को यह बताया था कि साना ने केस से राहत पाने के लिए सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को 2 करोड़ रूपये घूस दी है।
हालांकि एजेंसी ने रविवार को यह दावा किया कि साना मजिस्ट्रेट के सामने पेश होकर यह बताया कि उसने दिसंबर 2017 से लेकर अक्टूबर 2018 के बीच एक बिचौलिए को पैसे दिए थे। जिसका उद्देश्य उसके अस्थाना से कनेक्शन के चलते राहत पाना था।दावे के आधार पर एजेंसी ने दुबई से वापस घूस के इंस्टॉलमेट के पैसे लेकर आ रहे मनोज प्रसाद को 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया।
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