कांग्रेस ने एक बयान जारी कर न्यायालय के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जो लोग सीबीआई की स्वायत्तता को नष्ट करने का प्रयास कर रहे थे यह उनके मुंह पर तमाचा है। पार्टी के अनुसार, केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) अब सरकार के इशारे पर काम नहीं कर सकता बल्कि उसे उच्चतम न्यायलय के पूर्व न्यायाधीश क़ी देखरेख में काम करना होगा।
राहुल गांधी ने विरोध मार्च की अगुवाई की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर माफी मांगने को कहा। सरकार ने वर्मा से उनके सारे अधिकार लेकर उन्हें लंबी छुट्टी पर भेज दिया है। कांग्रेस ने वर्मा के खिलाफ की गई इस कार्रवाई को “अवैध एवं असंवैधानिक” करार दिया है। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने इस मार्च में हिस्सा लिया जो सीबीआई मुख्यालय के बाहर पहुंचने के बाद विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गया। अन्य पार्टियों के नेताओं ने भी एकजुटता दिखाते हुए इस विरोध में हिस्सा लिया।
लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव, भाकपा नेता डी राजा और तृणमूल कांग्रेस के नदीम-उल-हक कांग्रेस के इस विरोध मार्च में शामिल हुए जो लोधी रोड स्थित दयाल सिंह कॉलेज के बाहर से शुरू हुआ। राहुल सीबीआई मुख्यालय के बाहर लगाए गए पुलिस बैरीकेडों के सामने एक ट्रक पर चढ़ गए। प्रदर्शनकारियों को इमारत तक पहुंचने से रोकने की खातिर वहां पुलिस बैरीकेड लगाए गए हैं।
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