शाह ने संघ के कायार्लय में भागवत से भेंट की। दोनों के बीच हुई बातचीत का ब्यौरा नहीं बताया गया, लेकिन सूत्रों के अनुसार उन्होंने बिहार चुनाव में भाजपा को मिली करारी हार पर विचार विमर्श किया।
इस बैठक को भाजपा के कुछ सांसदों के इन बयानों को देखते हुए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि बिहार में पार्टी की हार में भागवत के आरक्षण संबंधी बयान की भी भूमिका रही। भागवत ने कहा था कि देश में मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत है।
बिहार से भाजपा सांसद हुकुमदेव नारायण ने कहा है कि इस चुनाव में संघ प्रमुख का आरक्षण संबंधी बयान भी पार्टी की हार का एक कारण बना। उन्होंने कहा कि भागवत का बयान बौद्धिक बहस का विषय हो सकता है लेकिन बयान देने का यह समय ठीक नहीं था। इससे बिहार के लोगों के बीच गलत संदेश गया।
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