राफेल विवाद पर डसॉल्ट के CEO बोले- हम भारत के साथ काम कर रहे हैं, किसी एक पार्टी के लिए नहीं
(DELHI, India) राफेल सौदे को लेकर जारी विवाद के बीच डसॉल्ट के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में बताया है कि वह भारत के साथ काम कर रहे हैं, किसी एक पार्टी के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि हमारा कांग्रेस पार्टी के साथ लंबा अनुभव है। हमारी पहली डील साल 1953 में नेहरू के साथ हुई थी। हम भारतीय वायुसेना और भारत सरकार को फाइटर्स जैसे प्रोडक्ट्स की आपूर्ति कर रहे हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, राफेल के कीमत को लेकर सीईओ ने कहा कि वर्तमान विमान 9% सस्ते हैं। 36 विमानों की कीमत उतनी ही है जितनी 18 विमानों की थी। 18 से 36 दोगुना है। ऐसे में यह कीमत दोगुनी हो जानी चाहिए थी। लेकिन यह सरकार से सरकार के बीच का सौदा है तो हमें 9 फीसदी तक कीमतें कम करनी पड़ी।
इससे पहले सोमवार को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक 36 राफेल विमानों की खरीद के संबंध में किये गए फैसले के ब्योरे वाले दस्तावेज याचिकाकर्ताओं को सौंप दिए। पीटीआई की खबर के मुताबिक दस्तावेजों के अनुसार राफेल विमानों की खरीद में रक्षा खरीद प्रक्रिया-2013 में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया है।
विमान के लिये रक्षा खरीद परिषद की मंजूरी ली गई और भारतीय दल ने फ्रांसीसी पक्ष के साथ बातचीत की। पीटीआई के मुताबिक, दस्तावेजों में कहा गया है कि फ्रांसीसी पक्ष के साथ बातचीत तकरीबन एक साल चली और समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की मंजूरी ली गई।

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