इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई मंदिर में दर्शन करने के लिए कोच्ची हवाई अड्डा पहुंच गई हैं। उनका कहना है कि वह 17 नवंबर को महिलाओं के एक समूह के साथ मंदिर में दर्शनों के लिए जाएंगी। इसके लिए उन्होंने पुलिस से सुरक्षा मांगी है। देसाई का कहना है कि यदि उनपर हमला हुआ तो इसके लिए केरल के मुख्यमंत्री और डीजीपी जिम्मेदार होंगे। हालांकि आज सुबह कोच्ची हवाई अड्डा पहुंचने पर वह उससे बाहर नहीं निकल पाईं क्योंकि बहुत से प्रदर्शनकारी बाहर मौजूद हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देसाई और उनके साथियों को हवाई अड्डे से बाहर नहीं आने दिया जाएगा जिसके बाद वहां पर तनाव उत्पन्न हो गया। देसाई पुणे से तड़के करीब चार बजकर 40 मिनट पर यहां पहुंची। भूमाता ब्रिगेड की संस्थापक देसाई कोच्ची हवाई अड्डे के अंदर ही नाश्ता कर रही हैं। भारी विरोध की वजह से वह हवाई अड्डे से बाहर नहीं निकल पाई हैं।
देसाई ने कहा, 'विरोधियों को हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए। एक बार हम वहां पहुंच जाएं तो हम देखेंगे कि हमें राज्य सरकार किस स्तर की सुरक्षा देता है। यदि राज्य हमें कोई सुरक्षा नहीं देता है तब भी हम जाएंगे लेकिन मुझपर हमला हो सकता है। मुझे जान से मारने और हमला करने की बहुत सारी धमकियां मिली हैं।' वहीं देसाई के दर्शन करने को लेकर भाजपा के नेता एमएन गोपी का कहना है, 'हम तृप्ति देसाई को पुलिस या सरकारी वाहन में हवाई अड्डे से बाहर नहीं निकलने देंगे। हवाई अड्डे की टैक्सी भी उन्हें लेकर नहीं जाएगी। यदि वह चाहती हैं तो अपने वाहन का उपयोग करें। यदि वह हवाई अड्डे से बाहर निकलती हैं तो उन्हें रास्तेभर विरोध का सामना करना पड़ेगा।'
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