किसानों के समर्थन में केंद्र सरकार पर बरसे राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल
(DELHI, India) अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले देश के 208 जनसंगठनों से जुड़े किसानों ने शुक्रवार को दिल्ली के रामलीला मैदान से संसद मार्च तक विशाल रैली निकाली। जंतर मंतर पर हुई रैली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा सांसद डीराजा, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला, शरद यादव, शरद पवार , किसान नेता वीएम सिंह, अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्ला, अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता अतुल कुमार अनजान, स्वराज्य अभियान के नेता योगेन्द्र यादव, नर्मदा बचाओ आन्दोलन की नेता मेधा पाटकर , किसान मुद्दे पर लिखनेवाले मशहूर पत्रकार पी साई नाथ, डॉ. सुनीलम, समेत कई प्रमुख नेता एवं सांसदों ने केंद्र सरकार पर हमला बोला।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि आज किसान तोहफा नहीं अपना हक मांग रहा है। उन्होंने कहा कि आज हिन्दुस्तान के सामने दो बड़े मुद्दे हैं। एक मुद्दा किसान का भविष्य और दूसरा युवाओं के रोजगार का मुद्दा। उन्होंने कहा कि देश के 15 लोगों का साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए माफ किया गया है। अगर इनका कर्जा माफ हो सकता है, तो हिंदुस्तान के किसानों का कर्ज भी माफ किया जाना चाहिए।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एफेडेविट दिया है कि हम स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं कर सकते। ये किसान आपके खिलाफ कयामत ढहा देंगे अगर ये हलफनामा वापिस नहीं लिया तो। किसानों का कर्ज माफ हो और स्वामीनाथन रिपोर्ट के हिसाब से फसल का दाम किसानों को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने 50 हजार प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया है। दिल्ली सरकार यह कर सकती है तो मोदी सरकार क्यों नहीं। केजरीवाल बोले, भाजपा ने स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू नही की। उन्होंने कहा कि किसानों का कर्ज माफ हो और स्वामीनाथन रिपोर्ट के हिसाब से किसानों को फसल का दाम मिलना चाहिए। किसानों भीख नहीं, खून पसीना बहाने का हक मांग रहे हैं। सरकार एमएसपी लागू कर देती हैं लेकिन उस दाम पर कोई फसल नहीं खरीद रहा। ऐसे में सरकार को किसान की फसल खरीदनी चाहिये।

Digital Desk: Administrator

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