किसके सिर सजेगा MP और राजस्थान में CM का ताज? शाम तक आ सकते हैं नाम
(DELHI, India) मध्यप्रदेश और राजस्थान में बसपा के समर्थन के बाद कांग्रेस ने सरकार बनाने की कोशिशें तेज कर दी है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है। वहीं शाम चार बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है जहां मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग सकती है। उधर, राजस्थान में कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक बुलाई है जिसमें मुख्यमंत्री पद के नाम पर मुहर लगनी है। इसके बाद कांग्रेस राजस्थान में सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। बताया जा रहा है कि राजस्थान और मध्यप्रदेश में सीएम पद के उम्मीदवार का ऐलान दिल्ली में आलाकमान की मुहर लगने के बाद ही होगा।
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में 114 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस ने बसपा और सपा का समर्थन मिलने के बाद बुधवार की सुबह प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया। प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष कमलनाथ, पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और अन्य के साथ सुबह राजभवन पहुंचे। राज्यपाल पटेल के साथ करीब 20-25 मिनट की मुलाकात के बाद बाहर निकलते हुए दोनों नेताओं ने 'वी--विक्टरी का संकेत दिखाया। कांग्रेस पार्टी की ओर से जारी एक पत्र के अनुसार, कमलनाथ ने राज्यपाल को लिखा है कि 28 नवंबर को हुए चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के साथ-साथ निर्दलीय ने भी उन्हें समर्थन देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने लिखा है, ''ऐसे में बहुमत हमारे साथ है। मैं पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर राज्यपाल से अनुरोध करता हूं कि वह मध्यप्रदेश में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी को आमंत्रित करें।
मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी एल कांताराव ने बताया, ''आज सुबह तक सभी 230 सीटों के परिणाम आ गए थे। जिनमें से कांग्रेस के खाते में 114 और भाजपा के खाते में 109 सीटें गई हैं। इसके अलावा मायावती की बहुजन समाजवादी पार्टी को दो सीटें मिली हैं और अखिलेश यादव नीत समाजवादी पार्टी को एक सीट मिली है। चार निर्दलीय उम्मीदवारों को भी चुनाव में जीत हासिल हुई है। हालांकि, भाजपा का इस चुनाव में वोट शेयर कांग्रेस से थोड़ा सा अधिक है, लेकिन सीटों में पिछड़ गई। भाजपा को 41 प्रतिशत वोट मिले, जबकि कांग्रेस को 40.9 प्रतिशत मत मिले।
वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस एवं भाजपा में प्रतिशतता के आधार पर 8.50 प्रतिशत के अंतर था, जिसे कांग्रेस पाटने में सफल रही। वर्ष 2013 में भाजपा को 44.88 प्रतिशत मत मिले थे, जबकि कांग्रेस को 36.38 प्रतिशत मत मिले थे। भाजपा को इस चुनाव में पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले 3.88 प्रतिशत मत कम मिले, जबकि कांग्रेस को 4.52 मत अधिक मिले और इस प्रकार कांग्रेस ने इस बार करीब 8.40 प्रतिशत मत पाटने में सफलता प्राप्त की।
राजस्थान में कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों ने मुख्यमंत्री का नाम तय करने का मामला पार्टी के आलाकमान पर छोड़ दिया हैं। प्रदेश कांग्रेस कायार्लय में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में इस आशय का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर उसे आलाकमान को भेज दिया। बैठक के बाद केन्द्रीय पर्यवेक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम के बारे में विधायकों की राय जान रहे हैं। विधायकों की राय से भी पाटीर् आलाकमान को अवगत कराया जायेगा।
मुख्यमंत्री का नाम पार्टी आलाकमान से शाम तक आने की संभावना हैं तथा शाम सात बजे राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया जायेगा। 199 सीटों में कांग्रेस को 99 सीटें हासिल हुई तथा उसे राष्ट्रीय लोकदल और निर्दलीयों ने समर्थन देने का भरोसा दिलाया हैं। प्रदेश कांग्रेसकायार्लय पर कार्यकतार्ओं का भारी जमावड़ा बना हुआ हैं तथा वे अपने अपने नेता के पक्ष में नारेबाजी कर माहौल बना रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की बड़ी जीत के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री का चयन करने के लिए कांग्रेस के विधायक दल की बैठक बुधवार, रात आठ बजे होनी है। बैठक समाप्त होने के साथ ही प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री की घोषणा होनी लगभग तय है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी ने बुधवार को यहां बताया कि कांग्रेस विधायक दल की आज रात आठ बजे पहली बैठक होगी। त्रिवेदी ने बताया कि कांग्रेस विधायक दल की इस महत्वपूर्ण बैठक में नवनिर्वाचित विधायकों के साथ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया, प्रभारी सचिव चंदन यादव और अरुण उरांव मौजूद रहेंगे।
उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक मलिकार्जुन खड़गे बुधवार की शाम दिल्ली से रायपुर पहुंचेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद ही राज्य में नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी। राज्य में कांग्रेस को 15 वर्षों के बाद बड़ी जीत दिलाने में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सिंहदेव और बघेल मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं। सिंहेदव ने अंबिकापुर से और बघेल ने पाटन से जीत हासिल की है।

Digital Desk: Administrator

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।