सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा, 'इस प्रक्रिया को लेकर हम संतुष्ट हैं और संदेह की कोई वजह नहीं है। कोर्ट के लिए यह सही नहीं है कि वह एक अपीलीय प्राधिकारी बने और सभी पहलुओं की जांच करे।' कोर्ट ने साफ कहा, 'हमें कुछ भी ऐसा नहीं मिला जिससे लगे कि कोई कॉमर्शल पक्षपात हुआ हो।' CJI रंजन गोगोई ने कहा कि ऑफसेट पार्टनर के विकल्प में दखल देने की भी कोई वजह नहीं है।
चीफ जस्टिस ने कहा कि हम सरकार को 126 विमानों की खरीद के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं और कोर्ट के लिए यह उचित नहीं होगा कि वह केस के हर पहलू की जांच करे। उन्होंने कहा कि कीमतों के डीटेल्स की तुलना करना कोर्ट का काम नहीं है।
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