बिहार राजनीति में अहम दखल रखने वाले इन नेताओं की कांग्रेस से यह मुलाकात 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर भाजपा के विरुद्ध बन रहे महागठबंधन के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकती है। हाल ही में तीन राज्यों में शानदार प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस के लिए भी लोकसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अच्छा मौका हो सकता है। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों से कांग्रेस यूं भी उत्साह में है।
बता दें कि इससे पहले बिहार में महागठबंधन के लिए सीट बंटवारे का फॉर्मूला तैयार कर लिया गया है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस बारे में कहा था कि चीजें शाम तक साफ हो जाएंगी। उन्होंने कहा था कि महागठबंधन के लिए उपेंद्र कुशवाहा को भी आमंत्रित किया गया है। क्षेत्रीय दलों को कुचलने का प्रयास किया गया है। यहां तक कि लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) भी मोदी जी की गुटबंदी से खुश नहीं है।
महागठबंधन में शामिल होने के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि एनडीए छोड़ने का कारण यह था कि वहां मेरा अपमान हो रहा था। उन्होंने राहुल गांधी व लालू यादव का आभार जताया और कहा कि इन दोनों नेताओं ने उदारता दिखाई। उन्होंने एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी व नीतीश कुमार ने कहा था कि अब बिहार के लोगों के लिए दवाई व कमाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन क्या ऐसा हुआ? कुशवाहा ने कहा वर्तमान सरकार हर मोर्चे पर फेल है। न तो यहां शिक्षा का स्तर सुधरा न रोजगार के रास्ते खुले।
राहुल गांधी की कथनी-करनी में फर्क नहीं : कुशवाहा
कुशवाहा ने मोदी व नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश कुमार व मोदी सरकार ने बिहार को सिर्फ वादे दिए, उन्हें पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि हमें और हमारी पार्टी को कमजोर करने की कई कोशिशें की गईं ताकि हम सोशल जस्टिस की बात न कर सकें। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर कहा कि गांधी की कथनी व करनी में कोई अंतर नहीं है।
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