एक साक्षात्कार में जेटली ने कहा कि 2019 का लोकसभा चुनाव शुद्ध रूप से एक मुद्दे पर जनमत संग्रह होगा कि क्या हम मोदी को दोबारा लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मतदाताओं में मोदी और ‘अस्पष्ट धुंधले विचार’ के बीच अपनी पसंद चुनने का विकल्प रहेगा। उन्होंने कहा कि हालिया पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान एकमात्र तेलंगाना में महागठबंधन जैसा ही एक प्रयोग बुरी तरह से विफल हुआ है जब वहां तेलंगाना समर्थक टीआरएस के खिलाफ परस्पर विरोधी विचारों वाली पार्टियां एक हो गई थीं।
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