भारतीय सेना की ताकत और कई गुना बढ़ जाएगी, भारत आ रहे हैं चिनूक और अपाचे हेलीकॉप्टर
(DELHI, DELHI) अमेरिका में निर्मित हेवी-लिफ्ट चिनूक और अपाचे हेलीकॉप्टर का पहला बैच मार्च माह में सशस्त्र बलों को मिल जाएगा। इससे भारत की सैन्य क्षमता कहीं अधिक बढ़ जाएगी। चेनूक हेलीकॉप्टर का पहला बैच बोइंग कंपनी की ओर से गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह के लिए रवाना हो चुका है और इसके अगले महीने तक यहां पहुंचने की संभावना है।

भारत ने 3 बिलियन डॉलर में 15 चिनूक और 22 अपाचे हेलीकॉप्टर का सौदा किया था। लेकिन भारत के पास अब 6 और अपाचे हेलीकॉप्टर का विकल्प है, जिसे डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने मंजूरी दे दी है।

भारतीय और अमेरिकी राजनयिकों के अनुसार भारतीय सेना को सौंपने से पहले इनकी हवाई क्षमता की जांच की जाएगी। इसके साथ ही फ्लाइट टेस्ट भी किया जाएगा। चिनूक हेलीकॉप्टरों को चंडीगढ़ में रखा जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर इन्हें सियाचिन और लद्दाख भेजा जा सके। वहीं अटैक करने वाले अपाचे हेलीकॉप्टर भारतीय सेना को सौंपे जाएंगे। इन्हें गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस में रखा जाएगा।

इन दो हेलीकॉप्टर से भारतीय सेना की ताकत कई गुना तक बढ़ जाएगी। जो अभी तक रूस में बने एमआई-17 लिफ्ट हेलीकॉप्टर पर ही निर्भर है। इसके अलावा सेना के पास रूस में निर्मित एमआई-26 हेलीकॉप्टर भी मौजूद है। वहीं अगर अटैक हेलीकॉप्टर की बात करें तो भारतीय सेना की ताकत एमआई-35 पर ही निर्भर है। जिसका इस्तेमाल तत्कालीन सोवियत संघ द्वारा 1980 के दशक में अफगानिस्तान पर कब्जे के दौरान किया गया था।

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