ईडी ने अदालत में दी याचिका में माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम 2018 के तहत ‘भगोड़ा’ घोषित किए जाने का अनुरोध किया था। अर्जी मंजूर हो जाने पर एजेंसी को माल्या की संपत्तियां जब्त करने का अधिकार मिल गया है। वहीं माल्या की ओर से उसके वकील अमित देसाई ने याचिका खारिज करने की मांग की थी।
माल्या के वकील देसाई ने उस दावे का विरोध किया था, जिसमें माल्या को लेकर कहा गया है कि वह मार्च 2016 में एक सम्मेलन के बहाने सामान से भरे 300 बैग लेकर जेनेवा चला गया था। हकीकत में वह देश से भागा था।
बता दें विजय माल्या इस वक्त लंदन में है और लंदन का कोर्ट भी उसके प्रत्यर्पण के लिए मंजूरी दे चुका है। हालांकि माल्या के पास इसके खिलाफ अपील करने के लिए जनवरी तक का वक्त है।
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