सरकार की ओर से यह फैसला तब आया है जब लोकसभा चुनाव होने में महज कुछ ही महीनों का समय बचा है। इससे पहले दलित नेता और मंत्री रामदास अठावले ने पहले सवर्ण जातियों के लिए आरक्षण देने की वकालत की थी। उन्होंने कहा था कि सवर्ण जातियों को 25 फीसदी आरक्षण दिया जाना चाहिए।यह मौजूदा 50 प्रतिशत आरक्षण से अलग होगा। एक सूत्र ने बताया, 'आरक्षण आर्थिक रूप से पिछड़े ऐसे गरीब लोगों को दिया जाएगा जिन्हें अभी आरक्षण का फायदा नहीं मिल रहा है।'
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