लेकिन शुक्रवार को आलोक वर्मा ने फायर सर्विस का डीजी पद ठुकराते हुए सर्विस से ही इस्तीफा दे दिया। इससे पहले, उच्चस्तरीय पैनल की तरफ से सीबीआई डायरेक्टर पद से हटाए जाने के बाद वर्मा ने दावा किया कि उनका तबादला उनके विरोध में रहने वाले एक व्यक्ति की ओर से लगाए गए झूठे, निराधार और फर्जी आरोपों के आधार पर किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली उच्चस्तरीय चयन समिति ने भ्रष्टाचार और कर्त्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में गुरुवार को आलोक वर्मा को पद से हटा दिया।
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