फायर ऑफिसर विपिन केंटल ने बताया कि आग लगने का कारण अभी पता किया जा रहा है। घटना के बाद 30 फायर टेंडर मौके पर पहुंच गए थे। रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो गया है। गलियारे पर लकड़ी की चौखट थी, जिसके कारण लोग इसका उपयोग नहीं कर सकते थे। 2 लोग इमारत से कूद भी गए थे।
दिल्ली होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बालन मणि ने बताया कि यह घटना डक्टिंग में आग लगने के कारण हुई। जिसके कारण यह आग होटल के अन्य कमरों में फैल गया। यहां सभी मानदंडों का पालन किया गया था। निरीक्षण के बाद ही लाइसेंस जारी किया जाता है। दुर्घटना कहीं भी हो सकती है।
आग लगने के बाद होटल के आसपास अफरा-तफरी मच गई। वहीं कई लोगों ने होटल की खिड़कियों से लोगों को छलांग लगाते देखा। अब तक 35 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया गया है। दिल्ली पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया है।
फ़ायर ब्रिगेड के पास भी पर्याप्त इंतज़ाम नहीं हैं। ब्रिगेड की हाइड्रोलिक सीढ़ियां भी समय पर नहीं खुल पाई। आग सुबह चार बजे के क़रीब लगी। फ़ायर ब्रिगेड के जेसी मिश्रा ने बताया कि अभी भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं इसलिए पूरे होटल को चेक किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार जब मंगलवार सुबह लोग गहरी नीद में सो रहे थे तभी आग की लपटो ने पूरे होटल को चपेट में लेना शुरू किया। इस पाँच मंज़िला होटल में 40 कमरे हैं। यहां केरल के दस लोगों का एक परिवार भी ठहरा था। यह परिवार गाजियाबाद में शादी समारोह में भाग लेने आया था।
सूत्रों के अनुसार होटल में फायर इमर्जेंसी के हिसाब से भारी लापरवाही बरती गई थी। फ़ायर इमर्जेंसी एक्जिट रूट न होने से समस्या ने भयावह रूप लिया। माना जा रहा है कि यदि फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक सीढ़ियाँ समय पर खुलती तो हादसा कम वीभत्स होता।
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