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(DELHI, DELHI) वायुसेना के मिराज विमानों ने मंगलवार तड़के एलओसी पार करके जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकाने को नेस्तनाबूत कर दिया। एलओसी से करीब 50 किलोमीटर दूर बालाकोट शहर के पास एक पहाड़ी पर बने ठिकाने पर ‘आराम' फरमा रहे 350 से ज्यादा आतंकियों को वायुसेना ने हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया। इनमें 25 से ज्यादा जैश के बड़े कमांडर हैं। लेकिन भारतीय वायुसेना की इस कार्रवाई के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज आता नहीं दिख रहा है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, आज सुबह फिर पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में सीजफायर उल्‍लंघन किया है।

विदेश सचिव विजय गोखले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इन आतंकी शिविरों को जैश सरगना मसूद अजहर का साला यूसूफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी चला रहा था। उन्होंने बताया कि आतंकी फिर से हमले की फिराक में थे, इसलिए भारत ने ऐहतियातन गैर सैन्य कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि आतंकियों के ठिकाने घने जंगल में पहाड़ियों पर थे, जो नागरिक इलाकों से दूर थे।

सूत्रों के मुताबिक भारत का हमला इतना सटीक और तेज था कि पाक सेना जब तक कुछ समझ पाती, तब तक भारतीय जांबाज पायलट अपने पराक्रम का परिचय देकर वापस लौट चुके थे। महज 21 मिनट के ऑपरेशन में वायुसेना ने यह कारनामा कर दिखाया।

सूत्रों की मानें तो भारत ने बालाकोट से पहले पाक अधिकृत कश्मीर के चकोटी और मुजफ्फराबाद में भी बम गिराए। हालांकि केंद्र की ओर से इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है। जानकारी यह भी मिली है कि हमारे पायलटों ने मिराज-2000 विमानों से आतंकी ठिकानों पर महज दो मिनट के भीतर ही 450 किलो से ज्यादा बम बरसा दिए। मिराज के साथ सुखोई-30 और एक ईंधन भरने वाला विमान भी था।

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