आतंकी समुद्र के रास्ते भी कर सकते हैं हमला: नौसेना प्रमुख सुनील लांबा
(Pampore, Pulwama) भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने मंगलवार को कहा कि भारत एक देश द्वारा प्रायोजित आतंकवाद का बेहद गंभीर रूप झेल रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे पास ऐसी भी रिपोर्ट हैं कि जिसके मुताबिक आतंकवादियों को अलग-अलग तरीकों से हमले करने की ट्रेनिंग दी जा रही है जिनमें समुद्र के रास्ते हमला करना भी शामिल है।

एएनआई के मुताबिक, एडमिरल सुनील लाम्बा ने कहा कि भारत एक देश द्वारा प्रायोजित इस आतंकवाद का कहीं ज़्यादा गंभीर रूप झेल रहा है। उन्होंने कहा कि हम सभी ने तीन हफ्ते पहले ही जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादी हमले का भयावह रूप देखा है। यह हिंसा उन आतंकवादियों द्वारा की गई थी, जिन्हें उस देश का समर्थन हासिल है, जो भारत को अस्थिर करना चाहता है।

भारतीय नौसेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय-प्रशांत क्षेत्र ने हालिया सालों में आतंकवाद के कई रूप देखें हैं और दुनिया के इस हिस्से में कुछ ही देश इसकी चपेट में आने से बच पाए हैं। हाल के समय में आतंकवाद जिस तरह वैश्विक हो गया है, उससे खतरा और भी बढ़ गया है।

आपको बता दें कि पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक के बाद एयरफोर्स चीफ बीएस धनोआ ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, अभिनंदन का विमान में उड़ान भरना मेडिकल टेस्ट पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि विंग कमांडर अभिनंदन को हर आवश्यक चिकित्सा मुहैया कराई जाएगी। मिग की क्षमता पर कोई सवाल नहीं है और मिग 21 के इस्तेमाल में हर्ज क्या है। उन्होंने कहा कि हमारे पास अपग्रेडेड विमान है।


बालाकोट में एयरस्ट्राइक पर वायु सेना प्रमुख ने कहा कि अगर जंगल में बम गिरते तो पाकिस्तान क्यों जवाबी हमला करता। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हमने अपने लक्ष्य को पूरा किया है। एयरफोर्स नहीं गिनती है कि कितने लोग हताहत हुए हैँ। यह जानकार सरकार देती है। उन्होंने आगे कहा कि जब योजनाबद्ध ऑपरेशन होता है तो फिर आप योजना बनाते हैं। लेकिन जब कोई विरोधी आप पर हमला करता है तो वहां मौजूद किसी भी विमान का इस्तेमाल किया जाता है। सभी विमान दुश्मन से लड़ने में सक्षम हैं।

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