भारतीय राजनयिकों की खुफियागिरी करने और उन्हें तरह-तरह से परेशान करने की घटनाओं का सिलसिलेवार उल्लेख करते हुए भारत ने अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। सूत्रों ने बताया पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त और उप उच्चायुक्त सहित कई बड़े अधिकारियों का पीछा करने, अनुचित तरीके से सर्विलांस, झूठी फोन कॉल आदि दर्जन भर से ज्यादा घटनाएं चार दिनों के भीतर हुई हैं।
सूत्रों ने बताया कि आठ मार्च से लेकर 11 मार्च के बीच लगातार आक्रामक तरीके से भारतीय उच्चायुक्त, उप उच्चायुक्त, फर्स्ट सेक्रेटरी व भारतीय उच्चायोग के अन्य अधिकारियों का पीछा किया गया। पत्र में पाकिस्तानी एजेंसी के दो लोगों द्वारा नियमित रूप से भारतीय उच्चायुक्त का पीछा करने का उल्लेख किया गया है।
सूत्रों ने कहा कि हमने उन गाड़ियों का विवरण भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को दिया है जिनका इस्तेमाल भारतीय राजनयिकों का पीछा करने में किया गया। इसके अलावा अनुचित तरीके से दबाव डालकर जानकारी हासिल करने का आरोप भी लगाया गया है। आठ मार्च को भारतीय उच्चायोग में तैनात फर्स्ट सेक्रेटरी का एक कार से आक्रामक तरीके से पीछा किया गया, जब वे बैंक जा रहे थे। इसी तरह कार्यालय से घर जाते वक्त भी उनका पीछा किया गया।
आठ तारीख को ही एक अन्य अफसर का घर जाते वक्त पीछा किया गया। इसके अलावा भारतीय दूतावास के दो कर्मचारियों को लगातार झूठी फोन कॉल से परेशान किया जा रहा है। इसी तरह नौ मार्च को भारतीय उप उच्चायुक्त का घर से बाजार जाते समय पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसी के लोगों ने बाइक से आक्रामक तरीके से पीछा किया। घर वापस आते हुए भी पीछा किया गया। दस तारीख को दूसरी नंबर की बाइक से पीछा करने का क्रम जारी रहा।
इसी तरह भारतीय उच्चायोग में तैनात एक बड़े अधिकारी का इस्लामाबाद क्लब और एक अन्य अधिकारी के घर जाते समय पाक सुरक्षा एजेंसी के लोगों ने नौ व दस तारीख को पीछा किया। इसी तरह दो दिनों तक उप उच्चायुक्त के घर के बाहर सुरक्षा एजेंसी के लोगों ने बैठक की और दो दिनों तक उनकी निगरानी की गई। पत्र में जानकारी दी गई है कि भारतीय उच्चायोग से जुड़े लोगों के मूवमेंट की जबरदस्ती जानकारी हासिल करने के लिए उच्चायोग में तैनात सुरक्षाकर्मियों पर दबाव डाला जा रहा है।
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