वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हिन्दुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि आरबीआई के रेपो रेट कम करने का फायदा बैंक ब्याज दर कम करके ग्राहकों को पास करेंगे। बैंक अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स का रिव्यू करेंगे। एससीएलआर आरबीआई की विकसित की गई एक पॉलिसी है जिसके आधार पर बैंक लोन के लिए ब्याज दर निर्धारित करते हैं। एमसीएलआर की गणना धनराशि की सीमांत लागत, आवधिक प्रीमियम, संचालन खर्च और कैश रिजर्व अनुपात को बनाए रखने की लागत के आधार पर की जाती है। बाद में इस गणना के आधार पर लोन दिया जाता है। आधार दर से एमसीएलआर की दर कम होने की वजह से होम लोन, कार लोन आदि लोन सस्ते होते हैं। जेटली ने कहा कि हमें बैंकों के फैसले का इंतजार करना होगा और कुछ समय बाद यह नजर आएगा।
रिजर्व बैंक ने गुरुवार को मौद्रिक समीक्षा के दौरान लगातार दूसरी बार नीतिगत ब्याज दर में 0.25 फीसदी की कटौती का ऐलान किया। नीतिगत ब्याज दर या रेपो दर के घटकर छह फीसदी पर आने से बैंकों की उधार लेने की लागत कम होगी। उम्मीद है कि बैंक इस राहत को ग्राहकों तक भी पहुंचाएंगे। इससे बैंक भी ग्राहकों के लिए कर्ज की दरें घटा सकते हैं और आपका होम लोन, ऑटो लोन या पर्सनल लोन सस्ता हो सकता है।
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