चुनाव आयोग ने राजस्व सचिव को पत्र लिखकर कहा था कि चुनाव में अवैध धन के रोकथाम के लिए निष्पक्ष और भेदभाव रहित कार्रवाई होनी चाहिए। इसके जवाब में राजस्व विभाग ने कहा कि उन्हें यह पता है। जब भी किसी के खिलाफ कोई सूचना मिलेगी कार्रवाई की जाएगी। चुनाव आयोग ने मंगलवार को राजस्व विभाग के तहत आने वाली सभी जांच एजेंसियों को निर्देश दिया है कि चुनाव प्रक्रिया को दूषित करने के लिए कालेधन और अन्य अवैध तरीकों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
आठ अप्रैल को राजस्व विभाग ने चुनाव आयोग को जवाब भेजा है। पत्र से साफ जाहिर है कि राजस्व विभाग को चुनाव आयोग की सलाह सही नहीं लगी। विभाग ने कहा कि उसे तटस्थ, पक्षपात रहित और भेदभाव रहित शब्दों अर्थ पहले से पता है और इन्हें ध्यान में रखकर ही कार्रवाई की जाती है। जब भी कोई सूचना मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जाती है। यह नहीं देखा जाता है कि वह किस दल के साथ संबद्ध है। विभाग इसे आगे भी जारी रखेगा।
आयोग अपने अधिकारियों को आदेश दे
राजस्व विभाग ने चुनाव आयोग को सलाह दी है कि वह आदर्श आचार संहिता के क्रियान्वयन के लिए फील्ड में तैनात अपने अधिकारियों को निर्देश दे कि चुनाव में अवैध धन के इस्तेमाल को रोकने के लिए भी कार्य करें। यदि उनके पास कोई विशिष्ट सूचना है तो वे इसकी सूचना राजस्व विभाग को भी दे सकते हैं ताकि विभाग उस पर कार्रवाई करे।
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।