राहुल गांधी ने स्मारक की विजिटर बुक में लिखा कि आजादी की कीमत को कभी नहीं भूलना चाहिए। हम भारत के लोगों को सलाम करते हैं जिन्होंने इसके लिए सब कुछ दिया। जय हिंद। राहुल शुक्रवार देर रात यहां पहुंच गए थे। यहां पहुंचने के बाद राहुल ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के साथ स्वर्ण मंदिर परिसर का दौरा किया था, जहां उन्होंने मत्था टेका।
13 अप्रैल को नरसंहार की 100वीं वर्षगांठ है, जिसमें ब्रिगेडियर जनरल रेजिनाल्ड डायर के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना ने महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों निहत्थे, निदोर्ष भारतीयों पर गोलियां चलाईं, जो ब्रिटिश सरकार के दमनकारी रौलट अधिनियम के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे।शुक्रवार शाम जलियांवाला बाग हत्याकांड की 100वीं बरसी की पूर्व संध्या पर छात्रों, स्थानीय निवासियों और आगंतुकों सहित सैकड़ों लोगों ने अमृतसर में कैंडललाइट मार्च निकाला। ब्रिटिश सरकार ने 100 साल बाद भी नरसंहार पर महज खेद जताया है।
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