आजम के इस बयान पर घमासान मचा है। सोमवार सुबह सुषमा ने ट्विटर पर लिखा, 'मुलायम भाई- आप पितामह हैं समाजवादी पार्टी के। आपके सामने रामपुर में द्रौपदी का चीरहरण हो रहा है। आप भीष्म की तरह मौन साधने की गलती मत करिए।' सुषमा ने ट्वीट में अखिलेश यादव, जया भादुरी और डिंपल यादव को भी टैग किया है।
महिला आयोग भेजेगा नोटिस
आजम के बयान को 'बेहद अमर्यादित' करार देते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि आयोग उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। इतना ही नहीं, शर्मा ने चुनाव आयोग से गुजारिश की है कि वह आजम खान के चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करे। शर्मा ने ट्वीट किया, 'आजम खान हमेशा महिलाओं के प्रति अपमानजनक और अशिष्ट रहे हैं। NCW इसका स्वतः संज्ञान लेगा और उन्हें नोटिस भेजेगा। हम चुनाव आयोग से गुजारिश करेंगे कि आजम के चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जाए।'
क्या कहा आजम ने
जया प्रदा का नाम लिए बगैर आजम ने जनसभा में मौजूद लोगों से पूछा, 'क्या राजनीति इतनी गिर जाएगी कि 10 साल जिसने रामपुर वालों का खून पिया, जिसे उंगली पकड़कर हम रामपुर में लेकर आए, उसने हमारे ऊपर क्या-क्या इल्जाम नहीं लगाए। क्या आप उसे वोट देंगे?' आजम ने आगे कहा कि आपने 10 साल जिनसे अपना प्रतिनिधित्व कराया, उसकी असलियत समझने में आपको 17 साल लगे, मैं 17 दिन में पहचान गया कि इनके नीचे का अंडरवेअर खाकी रंग का है।
'दोषी साबित हुआ तो नहीं लड़ूंगा चुनाव'
जया प्रदा पर दिए गए विवादित बयान को लेकर आजम खान ने कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया। आजम ने कहा कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया और अगर वह दोषी साबित होते हैं तो चुनाव से हाथ पीछे कर लेंगे। बयान पर घिरे आजम ने कहा, 'मैं रामपुर से नौ बार विधायक और एक बार मंत्री रहा हूं। मुझे पता है क्या कहना है। अगर कोई यह साबित कर दे कि मैंने किसी नाम लिया और किसी का नाम लेकर अपमान किया। अगर यह साबित होता है, तो मैं चुनाव से हाथ पीछे कर लूंगा।'
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।