भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने इस अभियान के बारे में जानकारी देने के लिए नई दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बताया, 'विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि 12 दिन पहले पुलवामा हमले को अंजाम देने के बाद जैश ए मोहम्मद भारत में एक और आत्मघाती आतंकी हमला करने की साजिश रच रहा है और फिदायीन जिहादियों को इस काम के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस जानकारी के बाद सीमा के दूसरी ओर जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी शिविर पर गैर-सैन्य एकतरफा हमले किए गए।'
भारतीय वायु सेना के मंगलवार (26 फरवरी) सुबह चलाये गए अभियान में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया गया था। इस अभियान में बड़ी संख्या में जैश के शीर्ष आतंकवादी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर और जिहादी मारे गए। इस शिविर का नेतृत्व मौलाना यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी कर रहा था, जो जैश प्रमुख मसूद अजहर का बहनोई था।
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