वहीं बैंस ने सीजेआई रंजन गोगोई को यौन उत्पीड़न मामले में फंसाने के लिए षड्यंत्र रचे जाने के आपने दावों पर कोर्ट में रिपोर्ट जमा कर दी है। कोर्ट ने सीलबंद लिफाफे में दायर वकील की उस रिपोर्ट पर गौर किया, जिसमें आरोप लगाए गए हैं कि ऐसे कुछ लोग हैं जो अपने हिसाब से फैसले कराते हैं।
मामले में अगली सुनवाई दोपहर 3 बजे की जाएगी। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने वकील उत्सव बैंस को सुरक्षा देने को कहा है। बता दें कि उत्सव बैंस ने ही यह दावा किया था कि सीजेआई को एक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए इस साजिश के बारे में विस्तार से बताया है।
बैंस का कहना है, "मेरे पास सीसीटीवी फुटेज है, जो असली सबूत है। मैं इसे कोर्ट में सौंप रहा हूं। आरोपी-मास्टरमाइंड बेहद ताकतवर है।"
बैंस के साजिश वाले दावे से न्यायपालिका चिंतित है। बैंस के हलफनामे पर जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा है, "यह न्यायपालिका से संबंधित एक बहुत गंभीर मुद्दा है, अगर ये सच है, तो यह काफी परेशान करने वाला है।"
हलफनामे में बैंस ने सीजेआई गोगोई के उस फैसले का जिक्र भी किया है जिसमें उन्होंने दो अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया था। इन दोनों पर सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर गलत जानकारी पोस्ट करने का आरोप था। बाद में ये मामला दिल्ली पुलिस को सौंपा गया, जिसके बाद दोनों आरोपी मानव शर्मा और तपन कुमार चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया गया था।
मामले पर जस्टिस मिश्रा का कहना है कि ऐसा पहली बार नहीं है, जब ऐसा कुछ शीर्ष अदालत या हाईकोर्ट में हो रहा है। लेकिन किसी मुख्य न्यायाधीश में कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं थी।
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।