लोकसभा चुनाव 2019 : भाषा के आधार पर मतदाताओं को साधने की जुगत
(DELHI, DELHI) बिहार में लोकसभा के पांचवें चरण में सियासी दल क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति के आधार पर मतदाताओं को साधने की जुगत भिड़ा रहे हैं। दरअसल, इस चरण में जिन पांच लोकसभा क्षेत्रों में चुनाव होने हैं, वहां कहीं मैथिली, भोजपुरी तो कहीं बज्जिका और मगही का प्रभाव ज्यादा है।

पांचवें चरण में राज्य की सारण, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी और सीतामढ़ी सीटों पर मतदान होना है। मधुबनी में मैथिली, सारण में भोजपुरी, मुजफ्फरपुर में बज्जिका और सीतामढ़ी में मैथिली-बज्जिका का प्रभाव है। वहीं, हाजीपुर में मिश्रित भाषा बोली जाती है, जिसमें बज्जिका, भोजपुरी, मगही और मैथिली शामिल है।

राजनीतिक जानकारों की मानें तो इन पांचों सीटों पर इस बार भी भाषा व संस्कृति के आधार पर क्षेत्रीय समीकरण तय होंगे। इस लिहाज से एनडीए और महागठबंधन के प्रत्याशियों की ओर से मतदाताओं को साधने के लिए उनकी भाषा का ही इस्तेमाल किया जा रहा है। जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को उतारकर लोगों से क्षेत्रीय भाषा के विकास और विस्तार पर चर्चा की जा रही है।

Digital Desk: Administrator

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