इसी दौरान कुछ वामपंथी और तृणमूल कार्यकर्ता 'अमित शाह वापस जाओ' के नारे लगाने लगे और उन्हें काले झंडे दिखाए। शाह के खिलाफ नारेबाजी की गई। कुछ कार्यकर्ता सुरक्षा घेरा तोड़कर काफिले की ओर बढ़ रहे थे तभी भाजपाइयों ने उन्हें रोका तो झड़प हो गई। दोनों गुटों के बीच जमकर मारपीट और आगजनी हुई। काफिले पर पथराव भी किया गया। इससे गुस्साए भाजपा समर्थकों ने कलकत्ता विश्वविद्यालय के छात्रावास के दरवाजे बंद कर दिए और साइकिलों एवं बाइकों को आग के हवाले कर दिया। उन्होंने इमारत पर पथराव भी किया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस की टीमें आग बुझाने में लगी हुई थीं कि इसी दौरान कुछ लोगों ने विद्यासागर कॉलेज में बनी ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ दी। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस का एक बड़ा दस्ता मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया।
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