मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा भारत के राजनयिक स्तर में कटौती करने सहित अन्य कदम का मकसद दुनिया के सामने द्विपक्षीय संबंधों की चिंताजनक तस्वीर पेश करना है जिसे न तो भारत और न ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय मानता है।
मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को लगता है कि अगर जम्मू कश्मीर में विकास होगा तो वह लोगों को गुमराह नहीं कर पाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने संवाददताओं से कहा कि शांति समझौते के साथ कश्मीर मुद्दे को जोड़ने के पाकिस्तान के प्रयास सफल नहीं हुए।
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