न्यायमूर्ति आर. भानुमति और न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना की पीठ ने आईएनएक्स मीडिया मनीलांड्रिंग मामले में चिदंबरम को गिरफ्तारी से मिले संरक्षण की अवधि भी पांच सितंबर तक बढ़ा दी है। इस बीच, पीठ ने प्रवर्तन निदेशालय को वे दस्तावेज और सामग्री सीलबंद लिफाफे में पेश करने का निर्देश दिया है जिसे वह इस मामले में कोर्ट के अवलोकन के लिये देना चाहता था।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने सोमवार तक सीबीआई की हिरासत में रहने की कोर्ट में पेशकश की। लेकिन पीठ ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया क्योंकि सालिसीटर जनरल तुषार मेहता का कहना था कि हिरासत की अवधि तो सिर्फ सीबीआई अदालत ही बढ़ा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस सवाल पर निर्णय लेगी कि क्या उसे प्रवर्तन निदेशालय द्वारा सीलबंद लिफाफे में पेश दस्तावेजों का अवलोकन करना चाहिए।
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