सात सितंबर को चांद पर उतरेगा चंद्रयान
03 सितंबर को तीन सेकंड के लिए यान का स्थान बदलेगा
07 सितंबर को रात 1.55 बजे चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग
उपग्रह लॉन्चिंग की गति से अलग होगा
एक सेकंड से भी कम समय में विक्रम ऑर्बिटर से अलग हो गया। इसरो चेयरमैन के शिवन ने बताया कि यह तेज गति से अलग होगा जैसे कोई उपग्रह लॉंच किया गया हो।
अमेरिका अंतरिक्ष यात्री भेजेगा
चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। अभी तक कोई भी देश यहां तक नहीं पहुंचा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा पांच साल बाद यहां अपने अंतरिक्ष यात्री उतारने की योजना बना रहा है।
भारत के मिशन पर दुनिया की टकटकी
चंद्रयान-2 की लैंडिंग पर पूरी दुनिया की नजर है। नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री डोनाल्ड ए थॉमस ने रविवार को कहा कि पूरी दुनिया इसे टकटकी लगाए देख रही है। हम चंद्रमा के भूमध्य रेखा के पास उतर चुके हैं, लेकिन दक्षिण ध्रुव पर कभी नहीं गए। यह हमारे लिए बेहद खास है, क्योंकि यहां बर्फ मिलने की उम्मीद है। बर्फ मिली तो पानी व उससे ऑक्सीजन मिल मिलने की संभावना है।
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