प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों से कहा, ''हर मुश्किल, हर संघर्ष, हर कठिनाई, हमें कुछ नया सिखाकर जाती है, कुछ नए आविष्कार, नई टेक्नोलॉजी के लिए प्रेरित करती है और इसी से हमारी आगे की सफलता तय होती हैं। ज्ञान का अगर सबसे बड़ा शिक्षक कोई है तो वो विज्ञान है।"
इसरो के मिशन कंट्रोल सेंटर से प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, ''विज्ञान में विफलता नहीं होती, केवल प्रयोग और प्रयास होते हैं। उन्होंने कहा, ''हमें सबक लेना है, सीखना है। हम निश्चित रूप से सफल होंगे। कामयाबी हमारे साथ होगी।"
मोदी चांद पर 'सॉफ्ट लैंडिंग का सीधा नजारा देखने के लिए यहां स्थित इसरो केंद्र पहुंचे थे। हालांकि, लैंडर से संपर्क टूट जाने के कारण 'सॉफ्ट लैंडिंग' के बारे में कोई सूचना नहीं मिल पाई।
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