कल्याण सिंह ने बाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इतनी उम्र गुजर जाने के बावजूद न तो वह थके हैं और न ही उनका मन छूटा है। उन्होंने कहा, ''मेरा तन टायर नहीं है, मन रिटायर नहीं है।''उन्होंने कहा, ''मैं राजनीति को जनसेवा का सशक्त माध्यम मानता हूं। उसी भावना से मैंने फिर से सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने का फैसला किया है। जब तक मैं राज्यपाल रहा तब तक मैंने उस पद की गरिमा का पूरा ख्याल रखा।'' सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि भविष्य में चुनाव लड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है।
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