गृह मंत्री ने कहा कि इस तरह की प्रणाली भी होनी चाहिए जिसमें किसी व्यक्ति की मृत्यु होते ही यह जानकारी जनसंख्या आंकड़े में अद्यतन हो जाए। उन्होंने कहा, ''आधार, पासपोर्ट, बैंक खाते, ड्राइविंग लाइसेंस, और वोटर कार्ड जैसी सभी सुविधाओं के लिए एक ही कार्ड हो सकता है। इसकी संभावनाएं हैं।"
जनगणना को अमित शाह ने देश के सामाजिक प्रवाह, देश के अंतिम व्यक्ति के विकास और देश के भविष्य के काम के आयोजन के लिए आधार बताते हुए कहा, "जनगणना की पूरी बिल्डिंग ग्रीन बिल्डिंग होगी, भारत में ग्रीन बिल्डिंग के कॉन्सेप्ट को अपनाने की जरूरत है।"
अमित शाह ने कहा, "सरकार इस बार की जनगणना में अभी तक का सबसे ज्यादा व्यय करने जा रही है। हम इस बार की जनगणना और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर तैयार करने में करीब 12 हजार करोड़ रुपये खर्च करने जा रहे हैं। तकनीक के आधुनिक रूप का उपयोग करते हुए 2021 में डिजिटल तरीके से जनगणना की जाएगी।"
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