जस्टिस एनवी रमना की अगुवाई वाली तीन जजों की पीठ बाल अधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें दावा किया गया है कि 5 अगस्त को विशेष राज्य का दर्जा हटाए जाने के बाद से कश्मीर में निवारक निरोध कानून के तहत नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि 5 अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से से आर्टिकल 370 हटाकर राज्य को कश्मीर और लद्दाख के रूप में दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था।
गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के पैनल से इन आरोपों की जांच करने को कहा था। बता दें कि कार्यकर्ताओं ने अपनी याचिका में कहा था कि 5 अगस्त को विशेष राज्य का दर्जा हटाए जाने के बाद से जम्मू-कश्मीर में कई नाबालिगों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया।
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