भविष्य के लिए उन्हें ढेरों शुभकामनाएं।’
बता दें कि हाल ही में भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी समेत तीन लोगों को गरीबी पर काम करने के लिए नोबेल पुरस्कार मिला है। अभिजीत के साथ नोबेल पुरस्कार पाने वाले हैं, फ्रेंच अमेरिकल एस्थर डुफ्लो और माइकल क्रेमर हैं।
अभिजीत ने इकोनॉमिक्स पर कई किताबें लिखी हैं। पहली किताब 2005 में वोलाटिलिटी एंड ग्रोथ लिखी थी। पर प्रसिद्धि मिली 2011 में आई इनकी किताब ‘पूअर इकोनॉमिक्स: ए रेडिकल रीर्थींकग ऑफ द वे टू फाइट ग्लोबल पॉवर्टी’से।
21 साल बाद भारतीय ने जीता अर्थशास्त्र का नोबेल
भारत में जन्मे और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में प्रोफेसर हैं। उनके साथ एमआईटी में ही प्रोफेसर उनकी पत्नी एस्तेय डुफ्लो (47) और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर माइकल क्रेमर (54) को भी इस सम्मान के लिए चुना गया। यह 21 साल बाद है, जब किसी भारतवंशी को अर्थशास्त्र के नोबेल के लिए चुना गया। अभिजीत से पहले हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर अमर्त्य सेन को 1998 में यह सम्मान दिया गया था।
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