जम्मू-कश्मीर और लद्दाख गुरुवार को आधिकारिक तौर पर दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बन गए। संसद में इसी साल 5 अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल लाकर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था। यह बिल 30 अक्टूबर रात 12 बजे से लागू हो गया। इस बिल के अनुसार जम्मू-कश्मीर में अब विधानसभा होगी, जबकि लद्दाख बिना विधानसभा या विधान परिषद के केंद्र शासित प्रदेश बना। जम्मू-कश्मीर में 20 और लद्दाख में 2 जिले होंगे। अब केंद्र के 106 कानून भी इन दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में लागू हो गए, जबकि राज्य के पुराने 153 कानून खत्म हो गए।
राष्ट्रपति ने आधिकारिक अधिसूचना में कहा की,''संविधान के अनुच्छेद 356 की धारा 2,के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए मैं, रामनाथ कोविंद, भारत का राष्ट्रपति, मेरे द्वारा 19 दिसंबर, 2018 को जम्मू-कश्मीर राज्य के संबंध में जारी की गई अपनी उद्घोषणा को रद्द करता हूं।''
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