अयोध्या विवाद: CJI गोगोई आज UP के मुख्य सचिव और DGP से करेंगे मुलाकात, फैसले से पहले तैयारियों का जायजा लेंगे
(India) अयोध्या स्थित राम मंदिर- बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर फैसला आने में अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं। अयोध्या से लेकर देशभर में इस बात की चर्चा लोगों में है कि आखिर राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला किस तारीख को आएगा। अक्टूबर, 2019 में आयोध्या राम मंदिर पर सुनवाई पूरी होने के बाद सभी पक्षों के वकीलों के दावों और सबूतों की जांच के साथ ही फैसला लिखा जा रहा है।

अयोध्या विवाद पर आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले आज चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात फैसले से पहले सभी प्रकार की तैयारियों को लेकर होगी।

बता दें कि 17 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई रिटायर होने वाले हैं। इस विवाद को लेकर वह पहले ही बता चुके हैं कि राम मंदिर मुद्दे पर फैसला टालने का सवाल ही नहीं होता है। रिटायर होने से पहले पांच न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ अपना फैसला इस मुद्दे पर सुनाएगी।

उत्तर प्रदेश प्रशासन ने शांति बनाए रखने और सुरक्षा को देखते हुए फोर्स की 100 कंपनियां मांगीं है। अयोध्या जिले को चार जोन- रेड, येलो, ग्रीन और ब्लू में बांटा गया है। इनमें 48 सेक्टर बनाए गए हैं। विवादित परिसर, रेड जोन में स्थित है। पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा योजना इस तरह बनाई जा रही है कि एक आदेश पर पूरी अयोध्या को सील किया जा सके। प्रशासन ने फैसले का समय नजदीक आने पर, अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त 100 कंपनियां मांगी हैं। इससे पहले दीपोत्सव पर यहां सुरक्षाबलों की 47 कंपनियां पहुंची थीं, जो अभी भी तैनात है। फैसले की गंभीरता को देखते हुए अयोध्या छावनी में तब्दील हो गया है।


ऐसी के साथ ही अयोध्या पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार या किसी भी सम्प्रदाय के खिलाफ भड़काऊ कंटेंट के प्रसार पर नजर रखने के लिए जिले के 1600 स्थानों पर 16 हजार वॉलंटियर तैनात किए हैं। साथ ही 3000 लोगों को चिह्नित किया गया है और उनकी निगरानी की जा रही है।

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