इमारत में काम करने वाले अधिकतर मजदूर रात को यहीं सोते भी थे। एक-एक कमरे में 10-15 लोग रहते थे। ये दिनभर यहां काम करते थे और शाम को जिसे जहां जगह मिली रात काट लेता था। रोजी-रोटी की तलाश में अपना घरबार छोड़कर दिल्ली आए ये लोग संकरी गली में मौजूद इस मकान में बेहद खराब स्थिति में रह रहे थे
Digital Desk: Kamal
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