आपको बता दें कि अप्रैल 2020 से NPR अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।एनपीआर अपडेशन के लिए कैबिनेट ने 3900 करोड़ रुपए के फंड आवंटन को भी स्वीकृति दी है। इसमें देश के नागरिकों का डेटा होगा। अगले साल अप्रैल से एनपीआर अपडेट करने का काम शुरु किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि एनपीआर अपडेशन के दौरान व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी को ही सही माना जाएगा, उसे कोई दस्तावेज नहीं देना होगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की इस बैठक के लिए तय एजेंडों पर चर्चा होनी है। इन एजेंडों में NPR को लेकर प्रस्ताव भी शामिल है। दरअसल, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में देश के 'आम नागरिकों' की गणना की जाती है। सर्वे के पहले चरण एक अप्रैल 2020 लेकर से 30 सितंबर) के बीच सरकारी कर्मचारी डोर-टू-डोर जाकर आंकड़े इकठ्ठा करेंगे।जबकि जनगणना का दूसरा चरण 2021 में 9 फरवरी से 28 फरवरी और संशोधन प्रकिया 1 मार्च से 5 मार्च के बीच पूरी की जाएगी।
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