इसमें भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। हजारों लोगों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए। हालांकि, इनमें हिंसा नहीं हुई। हिंसा की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश और दिल्ली में पुलिस मुस्तैद थी। हर मस्जिद के बाहर 10-10 वॉलंटियर तैनात किए गए।
संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए शुक्रवार को पुरानी दिल्ली में जामा मस्जिद के बाहर ढेर सारे लोग जमा हुए। कांग्रेस नेता अलका लांबा और दिल्ली के पूर्व विधायक शोएब इकबाल भी इन प्रदर्शनों में शामिल हुए। अलका लांबा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'बेरोजगारी देश के सामने असल मुद्दा है। लेकिन आप (प्रधानमंत्री) एनआरसी के लिए लोगों को उसी तरह कतार में लगाना चाहते हैं जैसा नोटबंदी के दौरान किया था।'
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