उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में कांग्रेस सरकार ने कोटा अस्पताल में 60 बैड के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी की गई थी। 2013 में भाजपा की सरकार आते ही वो बैड कहां गायब हो गए। यदि बैड होते तो एक बैड पर दो बच्चों को लेटाकर उपचार नहीं कराना पड़ता। उन्होंने कहा कि भाजपा खुद अपराध करती है और आरोप हम पर लगाती है।
कोटा अस्पताल में 104 नवजातों की मौत के बाद अब गहलोत सरकार की नींद टूटी। कई दिनों से ट्विटर और मीडिया में सरकार के बचाव में बयानबाजी कर रहे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा आखिरकार शुक्रवार को हालात का जायजा लेने कोटा जाएंगे। डॉक्टर्स की टीम और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। वहीं, केंद्र के निर्देश पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की 5 सदस्यीय टीम भी कोटा पहुंचेंगी।
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