इमरान ने वीडियो के साथ लिखा, यूपी में मुसलमानों के खिलाफ भारतीय पुलिस का कहर। इस वीडियो में पुलिस को दंगा-रोधी वर्दी में प्रदर्शनकारियों को पीटते हुए दिखाया गया है। इस ट्वीट के कुछ ही देर बाद लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। ट्विटर पर फजीहत होते देख इमरान ने अपने ट्वीट को डिलीट कर लिया।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने सोशल मीडिया पर भारत के खिलाफ फर्जी वीडियो पोस्ट किए जाने के मामले पर पाकिस्तान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- पाकिस्तान की ओर से बार-बार ऐसा ही किया जाता है। पुरानी आदतें कभी नहीं जाती। उधर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा- फर्जी खबर ट्वीट करो। पकड़े जाओ। डिलीट करो। फिर से वही काम करो। प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार देर रात बांग्लादेश के सात साल पुराने हिंसा के वीडियो को ‘यूपी में मुस्लिमों के खिलाफ भारतीय पुलिस द्वारा अत्याचार करने’ का दावा किया था। हालांकि, फर्जीवाड़े की पोल खुलने के बाद उन्होंने ट्वीट हटा लिया था।
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