वही जेएनयू कैंपस में हिंसा के आरोप में छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत 19 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। उधर, हिंसा के तीन दिन बीत जाने के बाद भी दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है।
जेएनयूएसयू की अध्यक्ष आइशी घोष ने सोमवार को कहा, "हम इसकी निंदा करते हैं और हमारी मांग है कि कुलपति को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।"
आइशी ने सोमवार को कहा कि यह एक सुनियोजित हमला है। आरएसएस से जुड़े कुछ प्रोफेसर हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं। छात्रसंघ के उपाध्यक्ष साकेत मून ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमने हमले के दो घंटे पहले उन्हें सूचित किया गया था, लेकिन फिर भी कोई मदद नहीं मिली। उधर, एबीवीपी ने सोमवार को आरोप लगाया कि हमले में लेफ्ट के लोग भी शामिल हैं। जेएनयू में एबीवीपी के सेक्रेटरी मनीष जांगीड़ ने दावा किया कि हमलावर मास्क पहने हुए थे। उनका नेतृत्व जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष कर रही थी।
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