पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के दोषियों का तीसरा डेथ वॉरंट जारी करने की तिहाड़ प्रशासन की याचिका खारिज कर दी है। शुक्रवार को अदालत ने कहा कि जब कानून दोषियों को जिंदा रहने की इजाजत देता है, तो उन्हें फांसी देना पाप होगा। अदालत ने कहा कि केवल अटकलों और अनुमानों के आधार पर डेथ वॉरंट जारी नहीं किया जा सकता है। अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का भी जिक्र किया, जिसमें दोषियों को कानूनी विकल्प के लिए 11 फरवरी तक का वक्त दिया है।
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