कमलनाथ सरकार ने वापस लिया नसबंदी का टारगेट देने का आदेश
(India)
मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार बैकफुट पर आ गई है। शुक्रवार सुबह से ही नसबंदी के मामले में राजनीति गर्माने के बाद यह फैसला लिया गया है। वहीं इस प्रकार का आदेश जारी करने वाली एनएचएम संचालक छवि भारद्वाज को हटा कर मंत्रालय में अटैच कर दिया गया है। इससे पहले, विपक्ष की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्र ने भी सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध किया गया था। मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को अपना आदेश वापस ले लिया है। स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने इसकी जानकारी मीडिया को दी। इस आदेश के बाद से हजारों हेल्थ वर्करों को बड़ी राहत मिली है। इधर, शुक्रवार को नसबंदी के इस आदेश के खिलाफ विपक्ष सक्रिय हो गया था। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस सरकार के इस आदेश की तुलना इमरजेंसी के दौरान संजय गांधी के नसबंदी अभियान से कर दी थी। वहीं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी कड़ा विरोध किया था।

यह था आदेश-
मध्यप्रदेश में राज्य सरकार के एक अजीबोगरीब फरमान से हड़कंप मच गया है। राज्य सरकार ने हेल्थ वर्कर्स को कम से कम एक व्यक्ति को नसबंदी करवाने का टारगेट दिया है। टारगेट पूरा नहीं करने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी या वेतन में भी कटौती कर दी जाएगी। मध्यप्रदेश के हेल्थ विभाग के परिवार नियोजन कार्यक्रम में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में कदम उठाते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने मेल मल्टी पर्पस हेल्थ वर्कर (mphws) को फरमान जारी कर कहा है कि जो भी हेल्थ वर्कर 2019-20 में नसबंदी के लिए एक भी आदमी को जुटाने में विफल रहा है उसका वेतन वापस लिया जाएगा और उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी।

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