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दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को निर्भया दुष्कर्म और हत्या मामले में मौत की सजा पाने वाले दोषियों में से विनय कुमार की याचिका को खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा इंतजाम काफी है। कोर्ट ने कहा कि फांसी की सजा पाने वाले दोषी के भीतर अवसाद और निराशा जैसे भाव आना स्वाभाविक हैं। मौजूदा केस में दोषी को पर्याप्त इलाज और मनोवैज्ञानिक मदद मुहैया कराई जा रही है। दरअसल आरोपी ने अपनी अर्जी में दावा करते हुए कहा कि मानसिक बीमारी सिजोफ्रेनिया और सिर व हाथ की चोटों के लिए उसे बेहतर इलाज की जरूरत है। दोषी विनय शर्मा की ओर से एक आवेदन में कहा गया कि मानसिक बीमारी के 'उच्च स्तरीय उपचार' के लिए उसे दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड अलाइड साइंसेज (आईएचबीएएस) में स्थानांतरित करने के लिए एक दिशा-निर्देश की मांग की गई है।
पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को इलाज की उच्च स्तरीय सुविधा देने की दोषी विनय की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि मौत की सजा पाने वाले गुनहगार में चिंता और निराशा जैसे भाव आना स्वाभाविक हैं। मौजूदा केस में दोषी को पर्याप्त इलाज और मनोवैज्ञानिक मदद मुहैया कराई जा रही है। विनय ने इलाज संबंधी अपनी मांग को लेकर ट्रायल कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
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