मध्य प्रदेश विधानसभा में आज फ्लोर टेस्ट को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। मुख्यमंत्री कमलनाथ पूरे ऑपरेशन की बागडोर अपने हाथ में लिए हैं। वे मैरियट में ठहरे कांग्रेस विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के लगातार संपर्क में हैं। सोमवार सुबह उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री गोविंद सिंह और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा से मंत्रणा भी की। एक तरफ मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने फ्लोर टेस्ट का आदेश दे रखा है तो दूसरी तरफ विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने इसे लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इस बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रविवार-सोमवार की दरमियानी रात को राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की। राज्यपाल से मुलाकात के बाद कमलनाथ फ्लोर टेस्ट के लिए तो तैयार दिखे, लेकिन उन्होंने फ्लोर टेस्ट के लिए एक शर्त रखी है कि कांग्रेस पार्टी के 'बंधक' बनाए गए विधायकों को छोड़ा जाए। कमलनाथ ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को बताया है कि विधायक स्वतंत्र होकर आएं तो फ्लोर टेस्ट कराने में हमें कोई आपत्ति नहीं है।
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