मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस लगभग खत्म हो गया है। शिवराज सिंह चौहान चौथी बार भाजपा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण करेंगे। माना जा रहा है कि वह आज रात नौ बजे राजभवन में खामोशी के साथ शपथ ग्रहण करें। दरअसल, कोरोना वायरस के चलते राजभवन में किसी भी तरह का समारोह नहीं होगा, बल्कि मुख्यमंत्री के तौर पर सीधे शपथ ग्रहण करा दी जाएगी। कोशिश यही है कि किसी तरह से भी कहीं पर भीड़ इकठ्ठी न हो पाए। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार के इस्तीफे के बाद से भाजपा के नए मुख्यमंत्री को लेकर संशय बना हुआ था। माना जा रहा था कि शिवराज सिंह चौहान ही एक बार फिर शपथ लेंगे। लेकिन उनके साथ कोई मंत्री भी शपथ लेगा, इसको लेकर संशय बना हुआ है। कोरोना के चलते शपथ ग्रहण को समारोह नहीं बनाया जा रहा है। एक राजभवन के भीतर ही सामान्य तौर पर किया जाएगा। इसमें शपथ लेने वाले लोगों के अलावा कुछ और लोग शामिल हो सकते हैं, इसके अलावा किसी और को शामिल होने की मंजूरी नहीं होगी।
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस लगभग खत्म हो गया है। शिवराज सिंह चौहान चौथी बार भाजपा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण करेंगे। माना जा रहा है कि वह आज रात नौ बजे राजभवन में खामोशी के साथ शपथ ग्रहण करें। दरअसल, कोरोना वायरस के चलते राजभवन में किसी भी तरह का समारोह नहीं होगा, बल्कि मुख्यमंत्री के तौर पर सीधे शपथ ग्रहण करा दी जाएगी। कोशिश यही है कि किसी तरह से भी कहीं पर भीड़ इकठ्ठी न हो पाए। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार के इस्तीफे के बाद से भाजपा के नए मुख्यमंत्री को लेकर संशय बना हुआ था। माना जा रहा था कि शिवराज सिंह चौहान ही एक बार फिर शपथ लेंगे। लेकिन उनके साथ कोई मंत्री भी शपथ लेगा, इसको लेकर संशय बना हुआ है। कोरोना के चलते शपथ ग्रहण को समारोह नहीं बनाया जा रहा है। एक राजभवन के भीतर ही सामान्य तौर पर किया जाएगा। इसमें शपथ लेने वाले लोगों के अलावा कुछ और लोग शामिल हो सकते हैं, इसके अलावा किसी और को शामिल होने की मंजूरी नहीं होगी।
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस लगभग खत्म हो गया है। शिवराज सिंह चौहान चौथी बार भाजपा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण करेंगे। माना जा रहा है कि वह आज रात नौ बजे राजभवन में खामोशी के साथ शपथ ग्रहण करें। दरअसल, कोरोना वायरस के चलते राजभवन में किसी भी तरह का समारोह नहीं होगा, बल्कि मुख्यमंत्री के तौर पर सीधे शपथ ग्रहण करा दी जाएगी। कोशिश यही है कि किसी तरह से भी कहीं पर भीड़ इकठ्ठी न हो पाए। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार के इस्तीफे के बाद से भाजपा के नए मुख्यमंत्री को लेकर संशय बना हुआ था। माना जा रहा था कि शिवराज सिंह चौहान ही एक बार फिर शपथ लेंगे। लेकिन उनके साथ कोई मंत्री भी शपथ लेगा, इसको लेकर संशय बना हुआ है। कोरोना के चलते शपथ ग्रहण को समारोह नहीं बनाया जा रहा है। एक राजभवन के भीतर ही सामान्य तौर पर किया जाएगा। इसमें शपथ लेने वाले लोगों के अलावा कुछ और लोग शामिल हो सकते हैं, इसके अलावा किसी और को शामिल होने की मंजूरी नहीं होगी।
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस लगभग खत्म हो गया है। शिवराज सिंह चौहान चौथी बार भाजपा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण करेंगे। माना जा रहा है कि वह आज रात नौ बजे राजभवन में खामोशी के साथ शपथ ग्रहण करें। दरअसल, कोरोना वायरस के चलते राजभवन में किसी भी तरह का समारोह नहीं होगा, बल्कि मुख्यमंत्री के तौर पर सीधे शपथ ग्रहण करा दी जाएगी। कोशिश यही है कि किसी तरह से भी कहीं पर भीड़ इकठ्ठी न हो पाए। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार के इस्तीफे के बाद से भाजपा के नए मुख्यमंत्री को लेकर संशय बना हुआ था। माना जा रहा था कि शिवराज सिंह चौहान ही एक बार फिर शपथ लेंगे। लेकिन उनके साथ कोई मंत्री भी शपथ लेगा, इसको लेकर संशय बना हुआ है। कोरोना के चलते शपथ ग्रहण को समारोह नहीं बनाया जा रहा है। एक राजभवन के भीतर ही सामान्य तौर पर किया जाएगा। इसमें शपथ लेने वाले लोगों के अलावा कुछ और लोग शामिल हो सकते हैं, इसके अलावा किसी और को शामिल होने की मंजूरी नहीं होगी।
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