Lockdown में सरकार का राहत पैकेज, 80 करोड़ गरीबों को अगले 3 महीने तक जरूत की सामग्री मिलेगी फ्री
(India) कोरोना से देश को बचाने के लिए देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई है। जिसके बाद से लगातार बुद्धिजीवियों से लेकर उद्योगपति सभी गरीबों खासतौर पर दिहाड़ी पर काम करने वाले मजदूरों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता व्यक्त कर चुके हैं। सभी सरकार से एक सुर में इन लोगों के लिए कुछ इंतजाम करने की मांग कर रहे थे । हालांकि लॉकडाउन की गोषणा के बाद से लगातार राज्य सरकारें अपने-अपने राज्य के लोगों के लिए कई तरह के ऐलान कर चुकी है फिर भी केंद्र सरकार की तरफ से कोई बड़ा बयान आने का सब इंतजार कर रहे थे। कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश में 21 दिन का लॉकडाउन है। इस दौरान आम लोगों और खासकर गरीबों को परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को तीन दिन में दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐसे लोगों के लिए राहत 1.70 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा की है। वित्त मंत्री की इन घोषणाओं में उनके खाने-पीने संबंधी सामान में रियायत से लेकर मजदूरी बढ़ाने जैसी कई जरूरी घोषणाएं की गई है जिसके चलते जिंदगी वापस पटरी पर आने तक उन्हें थोडी राहत मिलेगी।

मनरेगा (MNREGA ) के तहत काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों को 182 रुपए की जगह 202 रुपए की दैनिक मजदूरी दी जाएगी। वित्त मंत्री का दावा है कि इससे कम से कम 5 करोड़ मजदूरों को फायदा होगा। तो वहीं कंस्ट्रंक्शन वर्कर्स के 3.5 करोड़ रजिस्टर्ड वर्कर की मदद के लिए उनके 31000 करोड़ रुपए के वेलफेयर फंड का इस्तेमाल किया जाएगा। ताकि लॉकडाउन के वक्त आर्थिक परेशानी थोड़ी कम हो सके।
इसी तरह से सीनियर सिटीजन, गरीब विधवा और गरीब दिव्यांगों को अगले तीन महीने तक 1 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। इससे 3 करोड़ लोगों को फायदा होने की उम्मीद है तो वहीं आपको बता दें कि 1000 रूपए की ये टोटल राशि तीन महीने के वक्त में 2 बार में दी जाएगी।।
अब बात करते हैं खाने-पीने की तो सरकार ने 80 करोड़ लोगों को अगले 3 महीने तक 3 महीने तक 5 किलो गेहूं या चावल और दाल फ्री में दिया जाएगा ।

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