घर जाने के लिए बस अड्डों पर लगी मजदूरों की भीड़, पलायन करने वाले मजदूरों को रहना होगा 14 दिन क्वारैंटाइन
(India) देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कुल 1083 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं लॉक डाउन के बाद अपने घरों के लिए निकले हजारों मजदूरों को अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकारों ने मजदूरों को घर पहुंचने के लिए बसों की वयवस्था की है। दिल्ली सरकार ने शनिवार रात से ही लोगों को डीटीसी की बसों से उत्तर प्रदेश बॉर्डर से लगने वाले लाल कुंआ इलाके के पास छोड़ना शुरू किया। इसके लिए लगभग 600 बसें लगाई गईं। केजरीवाल सरकार ने प्राइवेट बस संचालकों से भी बात कर करीब 300 बसें हायर की हैं। ये बसें सुबह 6 बजे से गोरखपुर, आगरा, एटा, इलाहाबाद, लखनऊ जैसे शहरों में मुसाफिरों को पहुंचाने में लग गईं। ऐसे में कोरोना का संक्रमण फैलने के भी ज्यादा खतरा बढ़ गया है। देशव्यापी लॉकडाउन के बीच दिहाड़ी मजदूर और ऐसे ही कामगार हजारों की तादाद में मुंबई, जयपुर, सूरत जैसी जगहों से अपने-अपने राज्यों की ओर जा रहे हैं। हालात को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे मजदूरों का मूवमेंट रोका जाए। इन लोगों को सीमाओं पर ही 14 दिन के लिए क्वारैंटाइन किया जाए और राज्य अपनी तरफ से इन लोगों के खाने-पीने का इंतजाम करें। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने निवास पर हुई मंत्री समूह की बैठक में लॉकडाउन के दौरान सफर करने वाले प्रवासियों को रहने के लिए अस्थाई आवास देने का फैसला किया गया। खाना, दवाइयां और ऊर्जा उत्पाद जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई को चालू रखने का भी फैसला हुआ। लॉकडाउन को सख्ती से लागू कराने की जिम्मेदारी जिलों को डीएम और एसएसपी को दी गई है।
वहीं, लॉकडाउन से घबराए हजारों की संख्या में लोग अपने घरों के लिए पैदल निकल चुके हैं। इसी बीच पैदल जा रहे एक शख्स की रास्ते में ही मौत हो गई है। इस घटना से हड़कंप मच गया है। परिजनों का दावा है कि शख्स की मौत भूख से हो गई है। जानकारी के मुताबिक, रणवीर नामक शख्स दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में काम करता था। लॉकडाउन के बाद रणवीर अपने दोस्तों के सात घर के लिए पैदल ही निकल पड़ा। करीब 200 किलोमीटर चलने के बाद उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह वह आगरा पहुंचा और उसने सीने में दर्द की शिकायत की। करीब साढ़े छह बजे वह सिकंदरा थाना क्षेत्र पहुंचा लेकिन तब तक उसकी हालत काफी बिगड़ गई और सड़क किनारे उसने दम तोड़ दिया।

Digital Desk: Administrator

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