स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोना संकट के चलते रेलवे ने 2,500 से अधिक डॉक्टरों और 35,000 पैरामेडिक्स कर्मचारियों को तैनात किया है। 586 हेल्थ यूनिटों की टीम, 45 उप-मंडल अस्पताल, 56 मंडल अस्पताल, 8 उत्पादन इकाई अस्पताल और 16 क्षेत्रीय अस्पताल कोरोना संक्रमितों के लिए अपनी महत्वपूर्ण सुविधाएं देने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। देश में कोरोना महामारी के चलते PPE, मास्क और वेंटिलेटर की आपूर्ति अब शुरू हो गई है। भारत में 20 घरेलू निर्माताओं द्वारा PPE को विकसित किया गया है, 1.7 करोड़ PPE के लिए ऑर्डर दिए गए हैं और जिनकी आपूर्ति शुरू हो गई है। 49,000 वेंटिलेटर का भी ऑर्डर दिया गया है।
सरकार की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुरुवार को बाताया गया कि रेलवे ने 2 हजार 500 डॉक्टर और 35 हजार पैरामेडिक कर्मचारियों को नियुक्त किया है। रेलवे की 586 स्वास्थ्य इकाइयों, 45 सब डिविजन अस्पताल, 56 डिविजनल अस्पताल, 8 प्रोडक्शन यूनिट और 16 जोनल हॉस्पिटल भी लगातार संक्रमण रोकने के लिए काम कर रहे हैं। हाइड्रोक्लोरोक्वीन केवल पॉजिटिव मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर को दिया जा रहा है। ऐसे लोगों को दिया जा रहा है जो संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए हैं। इसे अगर हाइपर टेंशन के मरीजों को दिया जाएगा तो उन्हें दिल का दौरा पड़ सकता है। सरकार इसकी कमी नहीं होने देगी।
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